Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। लोकसभा में बिल पारित नहीं होने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
प्रदेश भाजपा ने 25 अप्रैल को आक्रोश मार्च निकालने की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं होने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार यह आक्रोश मार्च मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर मेन रोड तक जाएगा। इस मार्च में रांची महानगर सहित रामगढ़, खूंटी और लोहरदगा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की बात कही जा रही है।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि संसद में बिल का विरोध कर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ने देश की महिलाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में बाधा डालने का काम किया है।
वहीं कांग्रेस ने भाजपा के इस आक्रोश मार्च को ‘प्रोपेगेंडा’ करार देते हुए तीखा पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सोनल शांति ने कहा कि भाजपा झूठ को सच साबित करने के लिए इस तरह के अभियान चला रही है।
कांग्रेस का कहना है कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने में खुद भाजपा गंभीर नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानून पास हो चुका है, तो उसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।
सोनल शांति ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू होना चाहिए, न कि इसे परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं से जोड़कर टाला जाए। उनके अनुसार भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।
फिलहाल महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर दोनों प्रमुख दल आमने-सामने हैं और यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है, खासकर महिला वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए।


