Saraikela: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहां डैम में नहाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित आसंगी चेक डैम में गुरुवार को हुई। मृत छात्रों की पहचान आदित्यपुर के सेंट्रल पब्लिक स्कूल (CPS) के नौवीं कक्षा के छात्र रौनक भारद्वाज और गॉडविन थॉमस के रूप में की गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंट्रल पब्लिक स्कूल के पांच छात्र स्कूल समय के दौरान क्लास छोड़कर खरकई नदी पर बने आसंगी चेक डैम में नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान उन्हें डैम की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं हुआ, जिसके कारण रौनक और गॉडविन अचानक गहरे पानी में समा गए। उनके साथ मौजूद अन्य दो छात्र किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी छात्र प्रशांत कुमार ने बताया कि वह उस समय पानी लाने गया हुआ था। इसी दौरान अचानक चीख-पुकार मच गई और जब तक वह वापस लौटा, तब तक दोनों छात्र पानी में डूब चुके थे। साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वे असफल रहे।
घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना प्रभारी संजीव सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों छात्रों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जैसे ही इस दर्दनाक हादसे की सूचना छात्रों के परिजनों तक पहुंची, उनके घरों में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी परिवारों को सांत्वना दी और प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि आसंगी चेक डैम के पास अक्सर बच्चे और युवक नहाने के लिए पहुंचते हैं, जबकि यह स्थान काफी गहरा और खतरनाक है। यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, चेतावनी बोर्ड या निगरानी की व्यवस्था नहीं होने से इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
यह हादसा एक बार फिर अभिभावकों और प्रशासन के लिए चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों को छात्रों की उपस्थिति पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए और प्रशासन को ऐसे जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपाय, जैसे बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और नियमित गश्त सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।



