Bokaro: बोकारो जिले के बेरमो कोयलांचल स्थित सीसीएल कथारा ऑफिसर्स क्लब में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की सीसीएल रीजनल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य कोलियरी क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं और नए लेबर कोड के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तय करना था। इस मौके पर दर्जनों वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि अब नौकरी मिलने की संभावना खत्म हो चुकी है, और ग्रेच्युटी एवं सीएमपीएफ जैसे लाभों पर भी संकट मंडरा रहा है।
मजदूर नेताओं ने कहा कि कोल इंडिया की कई योजनाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्रबंधन के हाथों दिया जा रहा है। इसके कारण आने वाले समय में मजदूरों के हितों की अनदेखी हो सकती है और यूनियन का कोई वास्तविक रोल नहीं रहेगा। उन्होंने अस्पतालों में दवाओं की कमी, सुख-सुविधाओं की कमी और कोलकर्मियों के घरों की मरम्मत तथा सड़क निर्माण के लिए दिए जाने वाले फंड का गबन होने की भी चिंता जताई।
पूर्व मंत्री और फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएन त्रिपाठी ने मजदूर नेताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं में अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के नेता चुनावी स्वार्थ से चलते हैं और जनता की सेवा उनके वोट हासिल करने का माध्यम होती है, जबकि मजदूर नेता पूरी तरह मजदूर हित की बात करता है और स्वार्थ से परे रहता है।
केएन त्रिपाठी ने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा लाए गए नए कानून में कई विसंगतियां हैं, जो मजदूरों के न्यायिक अधिकारों को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून के खिलाफ मजदूरों का अधिकार सुरक्षित रहेगा और किसी भी स्थिति में उनकी हकमारी नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी सहयोगी यूनियनों के साथ मिलकर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। केएन त्रिपाठी ने बताया कि जब कोल इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक होगी, उस दिन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मजदूर नेताओं ने इस अवसर पर हौसला दिखाते हुए कहा कि वे केवल अपने हितों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी कोलियरी कर्मचारियों के न्यायिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी एकजुट हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि मजदूरों के हितों के खिलाफ किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि लेबर कोड और सीसीएल की नीतियों के खिलाफ आंदोलन सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चलेगा। मजदूर संघ ने सभी कर्मचारियों से संगठन में सक्रिय होने और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।


