Ranchi: रांची में राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है, क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार झारखंड दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस दौरे को संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जय प्रकाश नारायण यादव ने बताया कि तेजस्वी यादव फिलहाल केरल में चुनावी दौरे पर हैं और 4 अप्रैल की शाम तक उनके रांची पहुंचने की संभावना है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उनके आगमन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
5 अप्रैल को रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में तेजस्वी यादव का अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे, जहां उनके नए दायित्व को लेकर स्वागत किया जाएगा।
अभिनंदन समारोह के बाद तेजस्वी यादव झारखंड में राजद संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में विधायक, प्रदेश अध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुख और जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक का मुख्य फोकस संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना होगा।
इस दौरान जय प्रकाश नारायण यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया गया, जिससे राजद को नुकसान हुआ। उनका कहना था कि अगर निष्पक्ष चुनाव होता, तो आज बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव होते।
झारखंड में महागठबंधन के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दल एकजुट हैं। यदि कोई आंतरिक मुद्दे हैं भी, तो उन्हें आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा।
राजद नेताओं का मानना है कि झारखंड में पार्टी का जनाधार पहले से मजबूत है, लेकिन उसे और विस्तार देने की जरूरत है। तेजस्वी यादव का यह दौरा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है।


