Dhanbad: बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा करते हुए कहा कि बीता साल संगठन के लिए कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से भरा रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ अहम क्षेत्रों में प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन इन चुनौतियों ने संगठन को सीखने और सुधार के अवसर प्रदान किए।
प्रदर्शन प्रभावित होने के कारण
सीएमडी ने बताया कि पिछले वर्ष में प्रदर्शन कई कारणों से प्रभावित हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय है ईमानदारी से आत्ममंथन करने का और यह समझने का कि किन क्षेत्रों में कमी रही और कौन-सी परिस्थितियों ने परिणाम पर असर डाला।
आगामी वर्ष का महत्व
मनोज अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 को “ईयर ऑफ रिफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्मेशन” बताते हुए कहा कि यह बीसीसीएल के लिए बेहद महत्वपूर्ण वर्ष होगा। उनका स्पष्ट संदेश था कि अब केवल निर्धारित टारगेट पूरा करना पर्याप्त नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में नए बेंचमार्क स्थापित करना होगा।
हर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन
उन्होंने उत्पादन, उत्पादकता, तकनीक का उपयोग, ऑपरेशनल दक्षता और कोयले की गुणवत्ता जैसे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता पर जोर दिया। सीएमडी ने कहा कि संगठन को हर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना होगा, ताकि बीसीसीएल मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनी रहे।
सुरक्षा पर सर्वोच्च प्राथमिकता
मनोज अग्रवाल ने कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए नया मंत्र दिया: ‘नया साल, नए संकल्प – सुरक्षित काम, सफल परिणाम।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के किसी भी समझौते की अनुमति नहीं होगी और हर कर्मचारी का सुरक्षित घर लौटना ही प्राथमिक लक्ष्य है।
सुधार और अकाउंटेबिलिटी
सीएमडी ने संगठन में अकाउंटेबिलिटी, ओनरशिप और टीम वर्क को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कमियों की पहचान के बाद अब सुधार की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जाएंगे और बीसीसीएल अपनी प्रगति को मजबूती से आगे ले जाएगा।
सकारात्मक संदेश और संगठन के लिए प्रेरणा
अग्रवाल ने समापन में कहा कि हर चुनौती से सीख लेकर और सुधार की प्रक्रिया अपनाकर संगठन को न केवल वर्तमान परिस्थितियों में बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि भविष्य में स्थायी सफलता और स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कर्मचारियों से अपेक्षा जताई कि वे नए साल में अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएं।


