Dhanbad: जिले के सोनारडीह ओपी इलाके के टांडाबाड़ी बस्ती में अचानक भू-धंसान होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस हादसे में दो घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए, जबकि आसपास के इलाके में बड़ी दरारें पड़ गईं। सबसे गंभीर स्थिति तब बनी जब लगभग 35 मीटर के क्षेत्र में गैस रिसाव शुरू हो गया।
इलाके को किया गया सील
गैस की तीव्र गंध और रिसाव की रफ्तार को देखते हुए बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर प्रवेश निषेध घोषित कर दिया। प्रभावित परिवारों के लिए पास के सरकारी स्कूल में अस्थायी राहत शिविर बनाया गया है, जहां उन्हें सुरक्षित रहने की व्यवस्था प्रदान की गई। प्रशासन ने 35 मीटर के दायरे में रहने वाले सभी लोगों को तत्काल खाली करने का आदेश दिया ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
तकनीकी टीम ने रिसाव रोकने का प्रयास किया
बीसीसीएल की तकनीकी टीम विशेष उपकरणों और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और गैस रिसाव को रोकने की तैयारी की। टीम ने सुरक्षा उपायों के साथ रिसाव को बंद करने का प्रयास शुरू किया, ताकि इलाके में खतरे को कम किया जा सके।हालांकि, स्थानीय लोग इस कार्रवाई का विरोध करते हुए स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा, “हम अस्थायी व्यवस्था के लिए नहीं रुकेंगे। हमें केंदुआडीह जैसी पूरी तरह स्थायी गैस रिसाव रोकने वाली व्यवस्था चाहिए, ताकि हमारी जान सुरक्षित रहे।”
इस घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश साफ नजर आया। लोग प्रशासन से सीधे संवाद कर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता रखने का आग्रह कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा हर स्थिति में प्राथमिकता है और गैस रिसाव को रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और राहत का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बीसीसीएल का प्रयास जारी
बीसीसीएल ने कहा कि तकनीकी टीम लगातार रिसाव के स्रोत की पहचान कर उसे रोकने के लिए प्रयासरत है। फिलहाल अस्थायी समाधान के माध्यम से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान पर भी जल्द काम शुरू करने की योजना है।


