Chaibasa: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना में एक महिला पुजारी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुजारी गंभीर रूप से घायल है। इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
घटना चाईबासा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बरकुंडिया गांव के तुरामडीह टोला की है, जहां सोमवार देर रात एक जंगली हाथी ने मंदिरनुमा झोपड़ी पर हमला कर दिया। हमले में 56 वर्षीय पुजारी चांदो देवी की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद लखन कुदादा गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, चांदो देवी तांतनगर प्रखंड के कुम्बराम गांव की रहने वाली थीं और पूजा-पाठ का कार्य करती थीं। घटना वाली रात वह झोपड़ी में पूजा करने के बाद सो रही थीं। इसी दौरान जंगल से भटककर आए हाथी ने झोपड़ी को तोड़ दिया और उन्हें सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया।
हमले के समय मौजूद लखन कुदादा पर भी हाथी ने हमला किया, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाकर झाड़ियों में भागने में सफल रहे। घटना के बाद ग्रामीणों ने टॉर्च और मशाल के सहारे हाथी को वहां से भगाने की कोशिश की।
घायल चांदो देवी और लखन कुदादा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही चांदो देवी ने दम तोड़ दिया। वहीं, लखन कुदादा की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है।
मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया। विभाग ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में हाथियों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है।
गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले से 25 लोगों की जान जा चुकी है। इस लगातार बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष ने प्रशासन और वन विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं आसपास के गांवों में लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है।



