Giridihi: झारखंड के गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 53वां स्थापना दिवस समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिले के 13 प्रखंडों से कार्यकर्ता और समर्थक झंडा मैदान में जुटे। दूर-दूर से आए लोग नगाड़ा बजाते हुए और ‘शिबू सोरेन जिंदाबाद’, ‘मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिंदाबाद’, ‘सुदिव्य कुमार जिंदाबाद’, ‘कल्पना सोरेन जिंदाबाद’ जैसे नारों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह सामान्यत: 4 मार्च को होता था, लेकिन होली के कारण इसे 30 मार्च को आयोजित किया गया। समारोह में झामुमो के विभिन्न विंग के कार्यकर्ता भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और जोश व उत्साह का माहौल बना रखा। कार्यकर्ताओं ने झारखंड को वृहद बनाने की मांग दोहराई, यानी जो क्षेत्र राज्य से छूट गए हैं, उन्हें झारखंड में शामिल करने की मांग की।
कार्यक्रम में प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्यमंत्री की पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, टुंडी विधायक मथुरा महतो और मधुपुर के मंत्री सह विधायक हफीजुल हसन अंसारी ने कार्यक्रम में भाग लिया।
झंडा मैदान में समारोह की शुरुआत शहीदों की तस्वीर पर फूल-मालाओं के अर्पण के साथ हुई। यह श्रद्धांजलि उन लोगों को दी गई जो झारखंड राज्य गठन आंदोलन के दौरान शहीद हुए थे। गिरिडीह झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को झंडा मैदान तक पहुँचाया।
कार्यक्रम में पैदल मार्च भी आयोजित किया गया, जिसमें जेकोमयू नेता हरगौरी साहू, तेजलाल मंडल, अर्जुन रवानी, देवचरण दास और चुड़का हांसदा के नेतृत्व में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने वृहद झारखंड की मांग को प्रमुखता दी और असम विधानसभा चुनाव में झामुमो की मजबूत भूमिका पर भी जोश दिखाया।
कार्यकर्ताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो असम में बेहतर प्रदर्शन करेगी और राज्य की राजनीतिक पकड़ और मजबूत होगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में विकास और जनता कल्याण के कार्यों को लेकर अपने समर्थन का इजहार किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने यह भी कहा कि झारखंड का सतत विकास केवल सक्षम नेतृत्व के तहत ही संभव है और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही राज्य पूरी तरह विकसित और सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ सकता है। समारोह के अंत में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोश और नारेबाजी के साथ स्थापना दिवस को सफल और यादगार बनाने का संकल्प लिया।


