Hazarbagh: हजारीबाग में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तर की मुखिया उन्मुखीकरण कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह कार्यशाला विनोबा भावे विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय परीक्षा भवन में आयोजित हुई, जिसका उद्देश्य पंचायत स्तर के नेतृत्व को सशक्त बनाना था।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीपिका पांडे सिंह मौजूद रहीं। उन्होंने मुखियाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और पंचायत संचालन की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
कार्यक्रम में हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, चतरा, धनबाद, गिरिडीह और कोडरमा समेत कुल 7 जिलों से लगभग 1400 मुखिया शामिल हुए। यह संख्या दर्शाती है कि पंचायत स्तर पर विकास और प्रशासन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत लगभग 165 करोड़ रुपये की राशि जल्द ही मुखियाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस फंड का उपयोग पंचायतों के विकास कार्यों—जैसे सड़क, पानी, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के निर्माण—में किया जाएगा।
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां पंचायत भवन नहीं हैं, वहां जल्द निर्माण कराया जाएगा। उनके अनुसार, “मुखिया अपने पंचायत के मुख्यमंत्री के समान होते हैं” और ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका बेहद अहम है।
कार्यशाला में शामिल मुखियाओं ने इसे सकारात्मक पहल बताया और उम्मीद जताई कि सरकार द्वारा किए गए वादे जल्द पूरे होंगे। उनका मानना है कि वित्तीय संसाधन मिलने से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी।
वहीं, प्रदेश मुखिया संघ के उपाध्यक्ष सुबोध कुमार यादव ने सरकार से मांग की कि 15वें वित्त आयोग की राशि जल्द जारी की जाए, क्योंकि वर्तमान कार्यकाल समाप्ति के करीब है। साथ ही उन्होंने ‘अबुआ आवास योजना’ के तहत स्वीकृत लाभ जल्द लाभुकों तक पहुंचाने की भी अपील की।


