Dumka: झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने असम विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ गठबंधन न बनने को लेकर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से वरीय नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कई दौर की वार्ता की, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। दोनों दलों की अपनी-अपनी राजनीतिक मजबूरियां और ज़िम्मेदारियां थीं, जिनके कारण गठबंधन तय नहीं हो सका।
राजेश ठाकुर ने बताया कि झामुमो असम में अपना राजनीतिक विस्तार कर रही है और सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत के दौरान जेएमएम उन सीटों पर दावा कर रही थी, जहां कांग्रेस पहले से अपने उम्मीदवारों को तय कर चुकी थी। इस कारण दोनो दलों के बीच गठबंधन संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यह विवाद किसी राजनीतिक दुश्मनी के कारण नहीं बल्कि सीटों के बंटवारे को लेकर था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि असम में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना मजबूत है। ठाकुर ने कहा कि वहां की जनता हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर नाराज़ है, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे केवल अपने केंद्र की ताकत को ध्यान में रखकर काम करते हैं। भाजपा नेताओं के बीच भी उनके प्रति नाराजगी है। ऐसे में कई नेता अब कांग्रेस के पाले में जा रहे हैं।
राजेश ठाकुर ने यह भी कहा कि जिस तरह झारखंड में कांग्रेस ने हिमंता बिस्वा सरमा की योजनाओं को रोकने में सफलता हासिल की थी, असम में भी कांग्रेस उसी रणनीति से चुनाव लड़कर सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि झामुमो के असम में लड़ने को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम कि इससे कांग्रेस को नुकसान होगा, वह गलत है। चुनाव का फैसला अंततः जनता करेगी।
इसके अलावा, राजेश ठाकुर को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार कांग्रेस शानदार प्रदर्शन करने जा रही है। जनता तृणमूल कांग्रेस और भाजपा से ऊब चुकी है और कांग्रेस लंबे समय तक राज्य में शासन कर चुकी है, इसलिए पार्टी का अनुभव और रणनीति वहां कारगर साबित होगी।
ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है, लेकिन इस बार केवल खाता खोलना ही नहीं, बल्कि कई सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि जिन सीटों में जीत नहीं होती, वहां भी आने वाले दिनों में पार्टी जन मुद्दों पर सक्रिय और मुखर रहेगी।


