Breaking News

झारखंड बजट 2026-27 पर सियासी संग्राम: बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला, इरफान अंसारी का बचाव, सरयू राय और जयराम महतो ने उठाए सवाल

Ranchi: वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने के साथ ही झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में बजट प्रस्तुति के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। जहां विपक्ष ने बजट को दिशाहीन और निराशाजनक बताया है, वहीं सरकार के मंत्रियों ने इसे राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बजट पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर वर्ष बड़ा बजट पेश करती है, लेकिन उसे प्रभावी ढंग से खर्च करने में विफल रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभागों में आवंटित राशि समय पर खर्च नहीं हो पाती, जिससे विकास योजनाएं अधूरी रह जाती हैं। मरांडी ने कहा कि आज भी राज्य के लोग सड़क, नाली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, जबकि सरकार आंकड़ों के जरिए उपलब्धियों का दावा करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी प्रशासनिक कमियों को छिपाने के लिए केंद्र सरकार पर दोष मढ़ती है। रिम्स-2 के निर्माण को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य में बंजर भूमि उपलब्ध है तो उपजाऊ कृषि भूमि पर निर्माण करना उचित नहीं है और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए बजट का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। अंसारी ने रिम्स-2 परियोजना को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लोगों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट में घोषित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

जदयू विधायक सरयू राय ने भी बजट को निराशाजनक करार दिया। उनका कहना है कि बजट में न तो कोई नई सोच दिखाई देती है और न ही कोई ठोस या दूरगामी पहल। उन्होंने कहा कि यह मूल रूप से पिछले बजट की पुनरावृत्ति जैसा है, जिसमें पुराने प्रावधानों को नए शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। सरयू राय ने जोर देकर कहा कि राज्य को ऐसे बजट की आवश्यकता है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करे और आर्थिक अनुशासन के साथ विकास की स्पष्ट रूपरेखा दे।

इसी क्रम में जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बजट को “कागजों में लोकलुभावन” बताते हुए कहा कि आकर्षक घोषणाओं और बड़ी योजनाओं के बावजूद जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आवंटित राशि का स्पष्ट और पारदर्शी हिसाब उपलब्ध नहीं है, तो नई घोषणाओं पर कैसे भरोसा किया जाए। महतो ने सरकार से पिछले बजट व्यय पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन

SWARAJ

त्योहार के मौकेपर धमाकेदार ऑफर

संपर्क करें:- खूंटी- 8210983506 तोरपा - 6203436010

Recent Posts

Tags

Edit Template

About

Print & Digital PR News Release Ranchi,

Recent Post