Khunti: तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया के अथक प्रयास से खूंटी जिले के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों—पेरवा घाघ जलप्रपात और पांडा पुडिंग जलप्रपात—के दिन अब बदलने वाले हैं। झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा सत्र में प्रस्तुत वार्षिक बजट में इन दोनों स्थलों को इको टूरिज्म के तहत विकसित करने की घोषणा की गई है। बजट पारित होने के साथ ही इन परियोजनाओं को औपचारिक स्वीकृति मिल गई है।
विधानसभा में पेश बजट के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में खूंटी जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पेरवा घाघ और पांडा पुडिंग जलप्रपात को इको टूरिज्म सर्किट में शामिल करते हुए उनके समग्र विकास की अनुमति प्रदान की गई। लंबे समय से इन स्थलों के विकास की मांग उठती रही थी, जिसे विधायक सुदीप गुड़िया लगातार सरकार के समक्ष रखते रहे।
क्या-क्या होंगे विकास कार्य
इको टूरिज्म के तहत इन दोनों पर्यटन स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। संभावित कार्यों में—
पर्यटकों के लिए सुरक्षित पहुंच मार्ग का निर्माण
पार्किंग व्यवस्था
पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं
सुरक्षा रेलिंग और व्यू प्वाइंट का निर्माण
स्थानीय उत्पादों के लिए स्टॉल एवं रोजगार के अवसर
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित क्षेत्र का विकास
सरकार का उद्देश्य इन प्राकृतिक स्थलों की मौलिक सुंदरता को बनाए रखते हुए उन्हें पर्यटन के अनुकूल बनाना है, ताकि पर्यावरण संतुलन भी कायम रहे और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलें।
स्थानीय लोगों में खुशी
बजट में घोषणा के बाद खूंटी जिलेवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन स्थलों के विकसित होने से जिले को नई पहचान मिलेगी और बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विधायक ने जताया आभार
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि यह खूंटी की जनता के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए वे आगे भी प्रयासरत रहेंगे। उनका कहना है कि इको टूरिज्म के माध्यम से खूंटी को राज्य के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, बजट में मिली स्वीकृति के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही इन दोनों जलप्रपातों पर विकास कार्य प्रारंभ होंगे और आने वाले समय में खूंटी पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।



