Khunti: नगर पंचायत चुनाव के तहत राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम महतो भले ही राज्य सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठाते रहे हों, लेकिन खूंटी में उनकी पार्टी ने भाईचारे और राजनीतिक सहयोग का अनोखा उदाहरण पेश किया है। जेएलकेएम ने खूंटी नगर पंचायत क्षेत्र से जेएमएम समर्थित अध्यक्ष पद की उम्मीदवार सोनम बागे को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। 
निकाय चुनाव को लेकर खूंटी नगर क्षेत्र में इन दिनों जोरदार प्रचार अभियान चल रहा है। जेएमएम समर्थित उम्मीदवार सोनम बागे के पक्ष में पार्टी पदाधिकारी और समर्थक घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार की शाम कर्रा रोड स्थित बड़ाइक मोहल्ला में एक चुनावी सभा का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। 
सभा को संबोधित करते हुए तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि खूंटी जिले में ओबीसी आरक्षण को शून्य कर दिया गया है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को वे मजबूती से विधानसभा में उठाएंगे और ओबीसी समुदाय को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। विधायक ने कर्रा रोड क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि इसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने शहर में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और खूंटी को नई पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया। 
सभा में उस समय राजनीतिक माहौल और गरमा गया जब जेएलकेएम के खूंटी जिलाध्यक्ष कुमार ब्रजकिशोर मंच पर पहुंचे। उन्होंने खुले तौर पर सोनम बागे के समर्थन की घोषणा करते हुए कहा कि “मैं जेएलकेएम का खूंटी जिलाध्यक्ष हूं और जब बात हक और अधिकार की आती है तो हम सभी प्रोटोकॉल तोड़कर आपके साथ खड़े होंगे।” उन्होंने उपस्थित लोगों से सोनम बागे को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की और “सोनम बागे जिंदाबाद” के नारे भी लगाए।
कुमार ब्रजकिशोर ने विधायक सुदीप गुड़िया के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि वे उनके दृष्टिकोण से प्रभावित हैं और जेएमएम समर्थित उम्मीदवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। इस दौरान सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जेएलकेएम का यह समर्थन खूंटी नगर पंचायत चुनाव में समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, सोनम बागे के पक्ष में बढ़ता समर्थन चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है।



