Khunti: खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड अंतर्गत बिंदा पंचायत के टिंगरिया गांव में दर्जनों किसानों से चंदन के पौधे के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि दक्षिण भारत से आए एक कथित संस्था के लोगों ने बड़े मुनाफे और सुविधाओं का लालच देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए और अब उनका कोई अता-पता नहीं है। 
तमिलनाडु से आई संस्था ने दिया लालच
पीड़ित किसान मसीह दास कंडीर ने बताया कि दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में तमिलनाडु से पहुंचे “श्री बालाजी बायो प्लांट” नामक संस्था के कुछ लोग गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सामूहिक बैठक में बताया कि संस्था सस्ते दर पर चंदन का पौधा उपलब्ध करा रही है, जिसकी कीमत मात्र 300 रुपये प्रति पौधा है।
संस्था के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि जो किसान 100 या उससे अधिक पौधे खरीदेंगे, उन्हें कई विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें पौधारोपण के बाद सिंचाई के लिए डिप बोरिंग, पौधों की सुरक्षा के लिए घेराबंदी, यहां तक कि सीसीटीवी कैमरा लगाने तक का वादा किया गया। इतना ही नहीं, यह भी आश्वासन दिया गया कि जब पेड़ तैयार होगा तो संस्था ही उसे 10 से 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदेगी।
एडवांस भुगतान का भी झांसा
किसानों को यह भी कहा गया कि जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक 100 पौधे खरीदने वाले किसानों को 3 लाख रुपये एडवांस दिए जाएंगे। अधिक पौधे खरीदने वालों को उसी अनुपात में राशि देने का भरोसा दिया गया। बताया गया कि यह एडवांस राशि बाद में पेड़ों की कुल कीमत से काट ली जाएगी।
इन लुभावने वादों से प्रभावित होकर गांव के कई किसान तैयार हो गए। किसी ने 100 तो किसी ने 500 तक पौधे खरीद लिए। जिनके पास तत्काल पैसे नहीं थे, उन्होंने जमीन गिरवी रख दी या बैंक से केसीसी लोन ले लिया।
कर्ज लेकर खरीदे पौधे, अब पछतावा
मसीह दास कंडीर ने बताया कि उन्होंने स्वयं 300 पौधे खरीदे। लेकिन वादे के अनुसार न तो डिप बोरिंग हुई, न घेराबंदी और न ही कोई एडवांस राशि मिली। जब किसानों ने संस्था से संपर्क करना चाहा तो उनका फोन बंद मिला और उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं है।
एक अन्य किसान दुगा नाग ने बताया कि उन्होंने बैंक से 30 हजार रुपये का केसीसी लोन लेकर 100 पौधे खरीदे थे। अब उन्हें समझ में आ गया है कि वे ठगे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि संस्था के लोगों का फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है और वे गायब हैं।
वहीं युवा किसान एतवा कंडीर ने बताया कि उन्होंने मजदूरी कर बाइक खरीदने के लिए पैसे जमा किए थे, लेकिन चंदन की खेती से बेहतर भविष्य के सपने में उन्होंने भी पौधे खरीद लिए। अब न पौधे बचे और न बाइक का सपना पूरा हुआ।
मुरझाने लगे पौधे, बढ़ी चिंता
किसानों का कहना है कि कई पौधे अब मुरझाने लगे हैं और कुछ पूरी तरह सूख चुके हैं। संस्था की ओर से देखरेख या तकनीकी सहयोग भी नहीं मिल रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। 
ग्रामीणों का दावा है कि इस तरह बिंदा पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों के दर्जनों किसान इस ठगी के शिकार हुए हैं। अब वे सामूहिक रूप से कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं और अब इंसाफ के लिए कानून के शरण में जाएंगे ताकि ठग गिरोह के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो सके और किसानों को इंसाफ।



