Khunti: कर्रा प्रखंड के मानपुर गांव में मुखिया मधु तिर्की की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें जल प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। The Hans Foundation के सहयोग से आयोजित इस बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से ग्रामीण जल समिति का गठन किया और गांव को जल संकट से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में फाउंडेशन के हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट सावन कुमार ने जल प्रबंधन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी केवल पेयजल की जरूरत भर नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के स्वास्थ्य और पोषण से सीधा जुड़ा हुआ विषय है। दूषित जल से होने वाली बीमारियां, कुपोषण और स्वच्छता संबंधी समस्याएं गांव के समग्र विकास में बाधा बनती हैं। इसलिए जल स्रोतों का संरक्षण, रखरखाव और समान वितरण बेहद जरूरी है।
ग्राम सभा में आदर्श संकल्प ग्राम प्रधान बिरसा उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर मानपुर को “आदर्श जल ग्राम” के रूप में विकसित करने का सामूहिक संकल्प लिया। बैठक के दौरान जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पुराने जल स्रोतों की मरम्मत, हैंडपंप और कुओं की नियमित साफ-सफाई तथा पानी के समान वितरण को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
मुखिया मधु तिर्की ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण जल समिति के गठन से गांव में जल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होगी और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि समिति के माध्यम से मानपुर में जल संकट का स्थायी समाधान निकलेगा और यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, बच्चों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने पर बल दिया गया।
ग्राम सभा में भारी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि मानपुर अब जल प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए तैयार है। ग्रामीणों का मानना है कि सामूहिक प्रयास और मजबूत समिति व्यवस्था के माध्यम से गांव को जल संकट से मुक्त कर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सकता है।



