Palamu :जिले में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ पुलिस और वन विभाग का संयुक्त अभियान लगातार जारी है। नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के पहले सप्ताह तक पलामू के विभिन्न इलाकों में 200 एकड़ से अधिक भूमि पर लगी अफीम की फसल को नष्ट किया जा चुका है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की जा रही है और आगे की जांच जारी है।
पिछले वर्ष (2024–25) में भी पलामू में 674 एकड़ से अधिक क्षेत्र में अफीम की खेती नष्ट की गई थी। इसके बाद 2025 के अंतिम महीनों में पुलिस ने सर्वे कर यह जांच की कि जिन जमीनों पर पहले कार्रवाई हुई थी, वहां दोबारा खेती तो नहीं हो रही। सर्वे के दौरान कई स्थानों पर फिर से अफीम की खेती के पुख्ता सबूत मिले।
रोजाना 7–8 एकड़ में फसल नष्ट
पुलिस और वन विभाग की टीमें प्रतिदिन औसतन 7 से 8 एकड़ क्षेत्र में लगी अफीम की फसल को नष्ट कर रही हैं। तस्कर सुदूरवर्ती और दुर्गम इलाकों को चुनते हैं, ताकि पुलिस की पहुंच कठिन हो, लेकिन इसके बावजूद लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जीआर लोकेशन राजस्व विभाग से साझा
अफीम की खेती किसकी जमीन पर हुई है, इसका पता लगाने के लिए जीआर (GPS) लोकेशन राजस्व विभाग के साथ साझा की जा रही है। जांच में सामने आया है कि कई मामलों में बटाईदारी या किराए पर ली गई जमीन पर अफीम की खेती की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “पिछले साल करीब 650 एकड़ में अफीम की खेती नष्ट की गई थी। इस साल भी कई इलाकों में खेती मिली है। अब तक 160–200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फसल नष्ट की जा चुकी है। एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है और जमीन मालिकों की पहचान के लिए जीआर लोकेशन अंचल कार्यालय को भेजी जा रही है।”
प्रशासन ने साफ किया है कि अफीम की अवैध खेती पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी तेज़ी से जारी रहेगी।



