Ranchi: केंद्रीय बजट पेश होने के बाद देशभर में इसके प्रावधानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। झारखंड की राजधानी रांची में भी बजट को लेकर अलग-अलग वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गृहणियां जहां घरेलू खर्च और महंगाई से राहत की उम्मीद जता रही हैं, वहीं युवाओं की नजर रोजगार, शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि बजट का असली असर आने वाले समय में साफ होगा।
महिलाओं में उम्मीद, रसोई की महंगाई पर नजर
रांची की गृहणियों का कहना है कि बजट में भले ही रसोई से जुड़ी महंगाई पर सीधी राहत साफ तौर पर नजर न आए, लेकिन उम्मीद जरूर जगी है। महिलाओं का मानना है कि यदि सरकार खाद्य पदार्थों, गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों को नियंत्रित करने में सफल होती है, तो इसका सीधा फायदा घरेलू बजट को मिलेगा। कई गृहणियों ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूह और लघु उद्योगों से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
युवाओं की प्राथमिकता: रोजगार और कौशल विकास
रांची के युवाओं की नजर बजट में रोजगार, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी घोषणाओं पर है। स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया और कौशल विकास को लेकर किए गए प्रावधानों से युवाओं में कुछ उम्मीद जरूर बनी है। हालांकि उनका कहना है कि इन योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा, जब इन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
![]()
शिक्षा और गर्ल्स हॉस्टल को बताया सकारात्मक कदम
कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि शिक्षा बजट में बढ़ोतरी और तकनीकी शिक्षा पर दिया गया जोर सराहनीय है। सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल की योजना और विश्वविद्यालयों के विस्तार को भी छात्रों ने एक अच्छा कदम बताया है। इससे खासकर दूरदराज के इलाकों की छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी।
छात्रों को और राहत की उम्मीद
हालांकि, कई युवाओं का कहना है कि बढ़ती फीस, कोचिंग और रहने के खर्च को देखते हुए छात्रों के लिए और राहत की जरूरत है। शिक्षा के साथ-साथ रोजगार को लेकर एक स्पष्ट रोडमैप या गारंटी की मांग भी युवाओं ने उठाई है, ताकि पढ़ाई के बाद भविष्य सुरक्षित हो सके।
मध्यम वर्ग और अर्थव्यवस्था को लेकर उम्मीद
व्यापारियों और नौकरीपेशा वर्ग का मानना है कि टैक्स से जुड़े प्रावधानों में स्थिरता और सरलता से मध्यम वर्ग को राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि अगर आमदनी बढ़ेगी और खर्च कम होगा, तो बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट को लेकर रांची में उम्मीद और इंतजार दोनों का माहौल है। गृहणियां घरेलू खर्च और आत्मनिर्भरता की राह देख रही हैं, जबकि युवा रोजगार और भविष्य की संभावनाओं पर नजर लगाए हुए हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि बजट आम लोगों की जिंदगी में कितनी राहत और बदलाव ला पाता है।



