Khunti: कर्रा प्रखंड अंतर्गत बिल्सेरिंग स्थित ऐतिहासिक ख्रिस्तान डेरा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 169वां ख्रिस्तान डेरा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। यह स्थल ईसाई समुदाय के इतिहास में दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि इसी स्थान से इस क्षेत्र में ईसाई धर्म का विस्तार प्रारंभ हुआ, जिसके कारण ख्रिस्तान डेरा आज भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
महोत्सव के अवसर पर झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं प्रार्थना के लिए पहुंचे। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति, अनुशासन और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन एवं आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इस अवसर पर खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी, बंधु तिर्की एवं तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। मौके पर बड़ी संख्या में धार्मिक अगुवा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि ख्रिस्तान डेरा जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का संरक्षण, सुरक्षा तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे विशिष्ट स्थलों को संरक्षित करने और उन्हें पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार झारखंड की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रही है। झारखंड की आदिवासी परंपरा, संस्कृति और पारंपरिक भोजन आज पूरे देश के लोगों को आकर्षित कर रहा है। आने वाले समय में झारखंड एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, सामूहिक प्रार्थना एवं विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ख्रिस्तान डेरा महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, भाईचारे और ऐतिहासिक विरासत का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।



