Deoghar: भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को देवघर पहुंचे सांसद ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि झारखंड सरकार के पास पैसे की भारी कमी है और हालात ऐसे बन सकते हैं कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री को वेतन तक मिलने में परेशानी हो जाए।
झारखंड सरकार के पास पैसा नहीं, योजनाएं हो सकती हैं बंद
सांसद निशिकांत दुबे ने केंद्र सरकार पर लगाए जा रहे 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये के बकाया के आरोपों पर तंज कसते हुए कहा कि झारखंड सरकार अपनी आर्थिक बदहाली छिपाने के लिए केंद्र पर दोष मढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी दिन मंईयां सम्मान योजना बंद हो जाए या अबुआ आवास योजना का काम रुक जाए, तो इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। सांसद के मुताबिक, राज्य सरकार के पास न तो विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन है और न ही योजनाओं को लंबे समय तक चलाने की क्षमता।
मंईयां सम्मान योजना से विकास कार्य ठप होने का आरोप
निशिकांत दुबे ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना के कारण राज्य में अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार पहले अपने खर्चे संभाले, फिर नई-नई योजनाओं की बात करे। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार लगातार केंद्र से मदद की मांग कर रही है, जबकि अपनी वित्तीय व्यवस्था सुधारने पर ध्यान नहीं दे रही।
यूजीसी विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
यूजीसी से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस पर रोक भी लगी हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा रखने की अपील
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की है, जो यह दर्शाता है कि भाजपा सभी वर्गों के हित में सोचती है। उन्होंने यूजीसी नियमों का विरोध कर रहे लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा रखने की अपील की और कहा कि भाजपा की नीतियों का उद्देश्य समाज के हर तबके का विकास है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सम्मान
सुप्रीम कोर्ट के रुख पर निशिकांत दुबे ने कहा कि न्यायालय का हर फैसला सम्मान योग्य है और भारतीय जनता पार्टी न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए।



