Ranchi: शब-ए-बारात पर्व को देखते हुए झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को अलर्ट जारी किया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पर्व के दौरान राज्य की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता और कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी तरह की विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।
स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि इस वर्ष 2 फरवरी को शब-ए-बारात मनाए जाने की संभावना है। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग रात्रि के समय कब्रिस्तानों में अपने पुरखों की कब्र पर फातिहा पढ़ने, अगरबत्ती जलाने और इबादत करने के लिए एकत्रित होते हैं। साथ ही कई स्थानों पर मस्जिदों के पास आतिशबाजी की परंपरा भी निभाई जाती है।
पत्र में आशंका जताई गई है कि कब्रिस्तान जाने वाले मार्गों पर या मस्जिदों के आसपास आतिशबाजी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया जा सकता है। ऐसे में पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है।
स्पेशल ब्रांच ने आठ प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से सूचना संकलन के निर्देश दिए हैं। इसमें कब्रिस्तान और मस्जिदों का विवरण, संभावित भीड़ का आकलन, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील और विवादित स्थानों की पहचान, विधि-व्यवस्था से जुड़ी संभावित समस्याएं और उनके समाधान शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2021 से 2025 तक शब-ए-बारात के दौरान हुई घटनाओं का विवरण तैयार करने को भी कहा गया है।
साथ ही, पूर्व में विधि-विरुद्ध गतिविधियों में शामिल रहे असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करने, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स के एडमिन की जानकारी जुटाने तथा पर्व के दौरान आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठकों का विवरण देने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग कर सकने वाले शांतिप्रिय गणमान्य लोगों की सूची और उनके संपर्क नंबर भी तैयार करने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी निर्देशों में कहा गया है कि कब्रिस्तानों और मस्जिदों में होने वाली भीड़, फातिहा और आतिशबाजी पर सूक्ष्म निगरानी रखी जाए। आतिशबाजी के दौरान किसी भी दुर्घटना से बचाव के लिए अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा हिंदू और मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली और सम्मानित व्यक्तियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने, आवश्यकता अनुसार पुलिस बल की तैनाती करने, त्योहार के दौरान शराब की दुकानों को बंद रखने और शांति समिति की बैठकें समय पर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



