इन पदों पर होगी भर्ती
इस परीक्षा के माध्यम से कुल 103 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 28 उप समाहर्ता (Deputy Collector) और 42 पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद प्रमुख हैं। इसके अलावा जिला समादेष्टा, प्रोबेशन पदाधिकारी, सहायक निदेशक और सहायक निबंधक जैसे पद भी शामिल हैं। कुछ सेवाओं में पदों की संख्या सीमित रखी गई है।
परीक्षा का शेड्यूल जारी
JPSC द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा 8 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मुख्य परीक्षा 2 से 4 मई 2026 तक संभावित है, जबकि साक्षात्कार 16 से 19 जून 2026 के बीच आयोजित किए जा सकते हैं।
अवसरों की कोई सीमा नहीं
इस सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रयासों की कोई सीमा तय नहीं की गई है। कोई भी पात्र अभ्यर्थी कितनी भी बार इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है। आयु की गणना 1 अगस्त 2026 से की जाएगी।
प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया
प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर कुल रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जाएगा। अंतिम मेधा सूची मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के योग के आधार पर तैयार होगी। साक्षात्कार 100 अंकों का होगा, जिसमें न्यूनतम अंक की बाध्यता नहीं रखी गई है।
न्यूनतम अंक की अनिवार्यता
मुख्य परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए हैं।
सीमित पदों वाली सेवाएं
चार सेवाओं में पदों की संख्या काफी कम है। जिला समादेष्टा (गृह विभाग) के लिए केवल दो पद हैं। प्रोबेशन पदाधिकारी के लिए चार पद, सहायक निदेशक (महिला एवं बाल विकास विभाग) के लिए तीन पद और सहायक निबंधक के लिए दो पद निर्धारित किए गए हैं।
आरक्षण की स्थिति
इस भर्ती में क्षैतिज आरक्षण के तहत आदिम जनजाति और खिलाड़ियों के लिए कोई पद आरक्षित नहीं किया गया है। महिलाओं के लिए केवल दो पद (एक उप समाहर्ता और एक DSP) आरक्षित हैं, जबकि दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सात पद आरक्षित किए गए हैं।

DSP और जिला समादेष्टा के लिए सख्त मेडिकल जांच
पुलिस उपाधीक्षक और जिला समादेष्टा पद के लिए अभ्यर्थियों को सख्त शारीरिक और चिकित्सीय मानकों पर खरा उतरना होगा। हड्डी-जोड़ों की बीमारी, मानसिक विकृति, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, HIV संक्रमण, नाइट ब्लाइंडनेस या श्रवण दोष वाले अभ्यर्थी इन पदों के लिए अयोग्य माने जाएंगे।
शारीरिक मापदंड भी तय
DSP पद के लिए पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम लंबाई अनारक्षित, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के लिए 165 सेमी तथा एसटी-एससी वर्ग के लिए 162 सेमी तय की गई है। महिलाओं के लिए यह सीमा क्रमशः 155 सेमी और 152 सेमी रखी गई है। पुरुष अभ्यर्थियों के सीने की न्यूनतम माप भी वर्गवार निर्धारित की गई है।
JPSC की यह भर्ती राज्य के युवाओं के लिए प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने का बड़ा अवसर मानी जा रही है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।



