Ranchi: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) और लंदन की यात्रा के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार शाम झारखंड लौट आए। रांची एयरपोर्ट पर विधायक कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री का झामुमो कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। स्वागत करने वालों में सांसद महुआ माजी, झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दावोस और लंदन की यह यात्रा झारखंड के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक मंच पर झारखंड ने पहली बार अपनी बात मजबूती से रखी है और राज्य की संभावनाओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद यह पहली बार है जब झारखंड ने इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सम्मेलन में भाग लेना सरकार के लिए एक नया और सकारात्मक अनुभव रहा, जिसका लाभ आने वाले समय में राज्य को जरूर मिलेगा।
WEF के अनुभव से झारखंड को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से मिले अनुभवों का उपयोग राज्य के जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ विकास की नई दिशा तय करने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड की अपार संभावनाओं को मूर्त रूप दिया जाए और आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य दिया जाए।
उन्होंने बताया कि इस वैश्विक मंच के जरिए शिक्षा, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर सकारात्मक चर्चा हुई है, जिसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। झारखंड को प्रगति के पथ पर आगे ले जाना सरकार का संकल्प है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहली बार दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में शामिल हुआ। इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए, जिसे झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।


