Khunti: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 की तिथियों की घोषणा के साथ ही खूंटी नगर पंचायत क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनुमंडल दंडाधिकारी, खूंटी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश 27 जनवरी 2026 से चुनाव प्रक्रिया की शांतिपूर्ण समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।
अनुमंडल दंडाधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि चुनाव अवधि के दौरान राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों द्वारा रैली, सभा, जुलूस, धरना तथा प्रचार-प्रसार के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किए जाने की संभावना रहती है, जिससे असामाजिक तत्वों को अवसर मिल सकता है और विधि-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की गई है।
बिना अनुमति रैली-जुलूस पर रोक
आदेश के अनुसार बिना सक्षम पदाधिकारी की अनुमति किसी भी प्रकार की रैली, सभा या धरना आयोजित नहीं किया जाएगा। जुलूस में किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चुनाव प्रचार के दौरान बिना अनुमति वाहन प्रयोग तथा सरकारी संपत्ति के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर कड़े नियम
ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके लिए सक्षम पदाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। झारखंड में लाउडस्पीकर के उपयोग संबंधी अधिनियम एवं उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। जाति, धर्म या समुदाय के बीच वैमनस्य फैलाने की स्थिति में अनुमति तत्काल रद्द की जा सकती है।
सार्वजनिक व निजी संपत्ति की सुरक्षा
किसी भी सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर-पंपलेट चिपकाना, होर्डिंग या बैनर लगाना प्रतिबंधित रहेगा। निजी संपत्ति पर भी बिना लिखित अनुमति ऐसा करने पर संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1987 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी सख्ती
सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्विटर/X, इंस्टाग्राम आदि) पर जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर घृणा फैलाने, किसी उम्मीदवार के निजी जीवन पर टिप्पणी करने या भ्रामक सूचना (मिसइन्फॉर्मेशन) फैलाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह कृत्य आरपीए-1951, बीएनएस तथा आईटी एक्ट के तहत दंडनीय होगा।
धार्मिक, शैक्षणिक व संवेदनशील स्थलों के पास प्रचार वर्जित
राजनीतिक दल या प्रत्याशी किसी भी धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल तथा मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में अस्थायी प्रचार कार्यालय नहीं खोल सकेंगे। धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
मतदाताओं को डराने-धमकाने पर सख्त कार्रवाई
मतदाताओं को डराने, धमकाने, प्रलोभन देने या शराब-नकदी अथवा अन्य सामग्री के वितरण पर संबंधित व्यक्ति/दल के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हथियार प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध
किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा हथियार लेकर चलने या उनका प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी। हालांकि परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदायों तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं निर्वाचन कर्मियों को इससे छूट दी गई है।
कुछ मामलों में लागू नहीं होगा आदेश
पूर्व अनुमति प्राप्त विवाह-बारात, अस्पताल जा रहे मरीज, विद्यालय-महाविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राएं तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों एवं आम नागरिकों से आदेश का पालन करने की अपील की है। साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निषेधाज्ञा का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए और उल्लंघन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।



