Ranchi : झारखंड में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण की दशकों पुरानी परंपरा इस साल टूट गई। राज्य गठन के बाद से ही 26 जनवरी को दुमका में मुख्यमंत्री और रांची में राज्यपाल ध्वजारोहण करते रहे हैं। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विदेश दौरे पर होने के कारण दुमका पुलिस लाइन में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने झंडा फहराया। वहीं रांची में परंपरा के अनुसार राज्यपाल ने ध्वजारोहण किया।
परंपरा का टूटना: क्या है वजह?
15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य गठन के बाद से ही गणतंत्र दिवस पर दुमका में मुख्यमंत्री और रांची में राज्यपाल ध्वजारोहण की परंपरा चली आ रही थी। इस वर्ष यह परंपरा इसलिए टूट गई क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश दौरे पर हैं। वे राज्य में पूंजी निवेश की संभावनाओं की तलाश के लिए विदेश में विभिन्न मुलाकातें कर रहे हैं। इसी कारण वे गणतंत्र दिवस पर दुमका में राष्ट्रीय ध्वज फहराने नहीं पहुंच सके।
दुमका में समारोह: उपायुक्त ने लिया परेड की सलामी
गणतंत्र दिवस के अवसर पर दुमका पुलिस लाइन में आयोजित मुख्य समारोह में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। उन्होंने जिलेवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।
उपायुक्त का संदेश: विकास और जनभागीदारी पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में दुमका जिला प्रशासन समावेशी विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनसहभागिता के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने दुमका हवाई अड्डे पर फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की शुरुआत का जिक्र किया और कहा कि इससे युवाओं, खासकर जनजातीय विद्यार्थियों को व्यावसायिक पायलट प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। साथ ही पेसा नियम लागू होने से ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया।
विकास योजनाओं का विस्तार: महिलाओं से लेकर किसानों तक
उपायुक्त ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों, ‘दीदी की दुकान’ और अन्य योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हजारों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, आवास योजनाओं और रोजगार सृजन कार्यक्रमों के माध्यम से कमजोर वर्गों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
कृषि, सिंचाई, मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, चलंत चिकित्सा इकाइयों और मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नई सुविधाओं का जिक्र किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट विद्यालय, बालिका आवासीय विद्यालय और मातृभाषा आधारित प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अंतिम संदेश: संविधान के आदर्शों के अनुरूप जिले का विकास
अंत में उपायुक्त ने पलायन रोकने, बुनियादी ढांचा मजबूत करने, पर्यटन और खेल सुविधाओं के विकास के प्रयासों का उल्लेख करते हुए सभी नागरिकों से संविधान के आदर्शों के अनुरूप जिले के विकास में भागीदारी का आह्वान किया।



