Dhanbad : साधारण यात्रियों के लिए शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस में अब यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम बदलाव किए गए हैं। रेलवे ने इस ट्रेन में आरएसी (RAC) टिकट की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी है। अब यात्रियों को पूरा किराया देकर आधी सीट पर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि सभी यात्रियों को पूरी सीट उपलब्ध होगी।
आरएसी की व्यवस्था खत्म
अमृत भारत एक्सप्रेस में अब आरएसी टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। इससे यात्रियों को सफर के दौरान पूरी सीट मिलेगी और यात्रा अधिक आरामदायक होगी। रेलवे का उद्देश्य है कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता से लोअर बर्थ
रेलवे के नए नियमों के तहत बच्चों के साथ स्लीपर कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को उपलब्धता के आधार पर लोअर बर्थ दी जाएगी, भले ही बच्चों के लिए अलग से बर्थ बुक न की गई हो।
इसके अलावा 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों और 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को भी उपलब्धता के आधार पर लोअर बर्थ स्वतः आवंटित की जाएगी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक (यात्री विपणन समन्वय) प्रवीण कुमार द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
न्यूनतम दूरी का किराया तय
अमृत भारत एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में यात्रा के लिए यात्रियों को न्यूनतम 200 किलोमीटर तक का किराया देना होगा, जबकि जनरल श्रेणी में न्यूनतम 50 किलोमीटर का किराया तय किया गया है। इसके अलावा आरक्षण शुल्क और सुपरफास्ट शुल्क भी अलग से देना होगा।
रेलवे द्वारा राउंडिंग ऑफ किराया वसूला जाएगा, यानी यदि किराया 296 रुपये हुआ तो यात्री से 300 रुपये लिए जाएंगे।
लेडीज, दिव्यांग और सीनियर सिटीजन कोटा
स्लीपर श्रेणी में लेडीज कोटा, दिव्यांग कोटा और सीनियर सिटीजन कोटा की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा किसी अन्य प्रकार के आरक्षण कोटे की अनुमति नहीं होगी। अनारक्षित श्रेणी में मौजूदा नियमों के अनुसार कोटा लागू रहेगा।
रियायती और मुफ्त पास से जारी टिकट मान्य नहीं
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ऐसे रियायती टिकट या मुफ्त पास के बदले जारी किए गए टिकट मान्य नहीं होंगे, जिनका रिइंबर्समेंट नहीं किया गया है। हालांकि, ड्यूटी पास मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की तर्ज पर मान्य रहेंगे।
टिकट रद्द करने पर डिजिटल रिफंड को प्राथमिकता
आरक्षित टिकट रद्द करने पर 24 घंटे के भीतर रिफंड प्रक्रिया शुरू करने के लिए डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। काउंटर से बुक किए गए टिकटों के लिए भी डिजिटल माध्यम से भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा। यदि कोई यात्री डिजिटल भुगतान करने में असमर्थ है, तो मौजूदा नियमों के अनुसार नकद रिफंड की व्यवस्था भी रहेगी।



