Ranchi : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड से लगातार बच्चों के गायब होने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों का इस तरह लापता होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। राज्य सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राजधानी रांची में पुलिस मुख्यालय के नजदीक से अंश और अंशिका जैसे मासूम बच्चों का गायब हो जाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। दुख की बात यह है कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक बच्चों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है और सरकार की ओर से भी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिख रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। राज्य में इससे पहले भी कई छोटे बच्चे गायब हो चुके हैं, जिनका आज तक कोई पता नहीं चल सका। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार को तत्परता दिखाते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस दौरान अन्नपूर्णा देवी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को समय पर मानदेय नहीं मिलने के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। केंद्र सरकार समय-समय पर राज्य सरकार के साथ बैठक कर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश देती रही है और फंड यूटिलाइजेशन को लेकर लगातार पत्राचार भी किया जाता है, लेकिन समय पर मांग नहीं भेजे जाने से अनावश्यक परेशानी पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि अगर आंगनबाड़ी सेविकाओं को समय पर मानदेय नहीं मिलेगा, तो इसका सीधा असर जमीनी स्तर पर योजनाओं के संचालन पर पड़ेगा। इसके लिए पूरी तरह राज्य सरकार जिम्मेदार है।
गौरतलब है कि अन्नपूर्णा देवी झारखंड दौरे पर हैं। इस दौरान वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन कार्यक्रम में शामिल होने प्रदेश कार्यालय पहुंची थीं। इससे पहले वह धुर्वा से रहस्यमय ढंग से लापता हुए अंश और अंशिका के माता-पिता से भी मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधा चुकी हैं।



