पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड में हाथियों के लगातार हमलों ने एक बार फिर मानव जीवन के लिए खतरा बढ़ा दिया है। सोवां गांव में सोमवार–मंगलवार की दरमियानी रात एक जंगली हाथी ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में पिता, एक साल का बेटा और तीन साल की बेटी शामिल हैं। परिवार की मां और एक दुधमुंही बच्ची किसी तरह जान बचाकर सुरक्षित रह गई।
इस घटना के बाद सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान वन प्रमंडल में हाथियों के हमलों से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। गोइलकेरा के सायतबा, कितापी और बिला गांवों में पिछले चार दिनों में हाथियों के हमलों में कई लोग मारे जा चुके हैं।
घटना का विवरण
सूचना के अनुसार, सोवां गांव में परिवार झोंपड़ी में रह रहा था। रात के अंधेरे में हाथी ने झोंपड़ी पर हमला किया। वन विभाग के कर्मी मशाल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक एक व्यक्ति और दो बच्चों की मौत हो चुकी थी। घायल तीन साल की बच्ची को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। परिवार में कुल पांच सदस्य थे। आसपास कोई बस्ती नहीं होने के कारण हमले के दौरान उन्हें मदद नहीं मिल सकी।
वन विभाग का बचाव अभियान
हाथी को सुरक्षित जंगल में भगाने के लिए वन विभाग ने अभियान शुरू किया है। पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञ टीम भी मदद के लिए आई है। सोमवार की रात वन विभाग की 25 सदस्यीय टीम हाथी को ट्रैक कर रही थी, तभी सोवां गांव में यह दर्दनाक हादसा हुआ। अंधेरा और खराब सड़कें अभियान में बाधा डाल रही हैं। घायल बच्ची को देर रात अस्पताल पहुंचाया गया और सुबह से बचाव अभियान फिर शुरू किया गया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के पास जाने से बचें और ग्रामीण इलाकों में सतर्क रहें।



