Ranchi : रांची के मांडर टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर पलामू के पांकी से भाजपा विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता और टोल कर्मियों के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर विधायक ने सफाई देते हुए आरोप लगाया है कि टोल कर्मियों ने जानबूझकर वीडियो पोस्ट कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। विधायक ने इस पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से करने की बात कही है।
विधायक का आरोप: परिवार को जानबूझकर किया गया परेशान
डॉ. शशिभूषण मेहता ने बताया कि विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई, जब उनकी पत्नी डाल्टनगंज से मांडर होते हुए रांची जा रही थीं। उन्हें इलाज के लिए सेवा विमान से दिल्ली जाना था, लेकिन टोल प्लाजा पर उनकी गाड़ी को जानबूझकर रोका गया और जबरन टोल टैक्स की मांग की गई। गाड़ी देर तक रोके जाने के कारण उनकी पत्नी की फ्लाइट छूट गई, जिससे परिवार को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
31 दिसंबर को टोल कर्मियों से हुई बहस
विधायक के अनुसार, 31 दिसंबर को जब वे खुद डाल्टनगंज से रांची लौट रहे थे, तो उन्होंने टोल कर्मियों से पूछा कि उनकी पत्नी की गाड़ी क्यों रोकी गई थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। विधायक का आरोप है कि टोल कर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। मामला बिगड़ता देख खलारी डीएसपी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
बार-बार गाड़ी रोकने का आरोप
डॉ. मेहता ने कहा कि नियम के अनुसार विधायक की गाड़ी से टोल टैक्स नहीं लिया जाता है, इसके बावजूद 4 जनवरी को उनकी गाड़ी को फिर से रोका गया और जानबूझकर देरी कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मांडर टोल प्लाजा पर आए दिन लोगों को परेशान किया जाता है और उनके साथ भी यह सब साजिश के तहत किया गया। इसी कारण वे इस मामले की लिखित शिकायत केंद्रीय परिवहन मंत्री और NHAI से करेंगे।
वीडियो में असंसदीय भाषा, टोल कर्मियों का भी आरोप
वायरल वीडियो में विधायक को टोल कर्मियों के साथ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते देखा जा सकता है। वहीं, टोल कर्मियों का आरोप है कि विधायक ने एक कर्मचारी को थप्पड़ भी मारा और धमकी दी। टोल कर्मियों का कहना है कि उन्होंने विधायक के पद और गरिमा का सम्मान करते हुए मामले को बढ़ने नहीं दिया।
डीएसपी ने क्या कहा
खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी ने बताया कि मांडर टोल प्लाजा पर विवाद की सूचना मिलने के बाद वे स्वयं मौके पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया। डीएसपी के अनुसार, टोल प्लाजा प्रबंधन का कहना है कि विधायक की गाड़ी को तो टोल से छूट है, लेकिन उनके परिवार या कार्यकर्ताओं की गाड़ियों पर यह छूट लागू नहीं होती। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।


