Khunti: झारखंड आंदोलन के पुरोधा, महान हॉकी खिलाड़ी और प्रखर राजनीतिज्ञ मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 123वीं जयंती शुक्रवार को उनकी जन्मस्थली एवं पैतृक गांव खूंटी जिले के टकरा में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 
जयंती समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा का योगदान केवल झारखंड या आदिवासी समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनका प्रभाव पूरे भारतवर्ष पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मरांग गोमके ने आदिवासी समाज को राजनीतिक चेतना देने का कार्य किया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया।
सुदीप गुड़िया ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा एक महान स्वतंत्रता सेनानी, संविधान निर्माता और समाज सुधारक थे। संविधान सभा में उन्होंने आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती और निर्भीकता के साथ रखा। आज देश में जिन अनुसूचित क्षेत्रों, आदिवासी अधिकारों और संरक्षण की बात होती है, उसकी नींव जयपाल सिंह मुंडा के अथक प्रयासों से ही पड़ी। संविधान में आदिवासियों को मिले अधिकारों के पीछे उनका अहम योगदान रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि मरांग गोमके केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर के खिलाड़ी भी थे। हॉकी के क्षेत्र में उनका योगदान स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। भारतीय हॉकी टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। खेल और राजनीति — दोनों ही क्षेत्रों में उनका जीवन प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर विधायक ने युवाओं से जयपाल सिंह मुंडा के विचारों और संघर्षों को आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को उनके जीवन से सीख लेकर समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। सभी ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।



