Saraikela: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1 जनवरी को खरसावां शहीद स्थल पहुंचकर 1948 के ऐतिहासिक गोलीकांड में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि गुवा गोलीकांड की तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों और आंदोलनकारियों की पहचान के लिए राज्य सरकार एक विशेष कमेटी का गठन करेगी।
गुमनाम शहीदों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और जल्द ही उन गुमनाम शहीदों को खोजकर सम्मानित किया जाएगा, जो अब तक इतिहास के पन्नों में दबे रहे। उन्होंने कहा कि खरसावां शहीद स्थल आदिवासी और मूलवासी समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र है और इसे कभी भी इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता।

आम जनता के लिए खुलेगा शहीद पार्क
सीएम हेमंत सोरेन ने यह भी घोषणा की कि खरसावां शहीद स्थल पार्क, जो अब तक सालभर बंद रहता था, उसे प्रतिदिन आम जनता के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि पवित्रता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले इसे सीमित समय के लिए खोला जाता था, लेकिन अब बेहतर प्रबंधन के साथ जनता को समर्पित किया जाएगा।
इस मौके पर मंत्री दीपक बिरुवा, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, सांसद जोबा मांझी समेत कई जनप्रतिनिधि और झामुमो नेता मौजूद रहे। सभी ने शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया।
अर्जुन मुंडा ने भी दी श्रद्धांजलि
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी खरसावां शहीद स्थल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले उनके नेतृत्व में खिलारी साईं से शहीद स्थल तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली।

मीडिया से बातचीत में अर्जुन मुंडा ने कहा कि आजादी के एक साल बाद हुआ खरसावां नरसंहार इतिहास का सबसे दर्दनाक अध्याय है, जब आजादी का जश्न मनाया जा रहा था और आदिवासी समाज अपने अधिकारों के लिए गोलियां झेल रहा था। उन्होंने जल-जंगल-जमीन की रक्षा को आदिवासी जीवन का आधार बताते हुए सरकारों के विकास मॉडल पर सवाल भी उठाए।
उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब आदिवासी समाज के संसाधनों, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की पूरी तरह रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।



