Ranchi : हेमंत सोरेन सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर जहां मोरहाबादी मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर 8792 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और दावा किया गया कि एक साल में 16 हजार सरकारी नौकरियां दी गईं, वहीं भाजपा ने सरकार की उपलब्धियों को “बर्बादी काल” करार देते हुए कड़ा प्रहार किया है।
रांची स्थित भाजपा कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक नवीन जायसवाल और आदित्य साहू ने संयुक्त रूप से आरोप पत्र जारी किया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह “अबुआ सरकार नहीं, ठगुआ सरकार” है। उन्होंने हेमंत सरकार के घोषणा पत्र को “धोखा पत्र” बताते हुए कहा कि सरकार अपने किसी भी वादे पर खरी नहीं उतरी।
मरांडी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों और इस एक वर्ष के कार्यकाल में सरकार ने जनता को केवल भ्रमित किया है। उनके अनुसार घोषणापत्र के सात प्रमुख बिंदुओं में से एक भी पूरा नहीं हुआ। धर्मांतरण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि सांस्कृतिक संरक्षण की बात करने वाली सरकार चंगाई सभा और प्रार्थना सभा के नाम पर हो रहे धर्मांतरण पर चुप है।
उन्होंने दावा किया कि इस सरकार में सबसे अधिक नुकसान आदिवासी समाज को हुआ है। वादा किया गया 7 किलो अनाज आज तक नहीं मिला, जबकि केंद्र सरकार 5 किलो अनाज दे रही है। संथाल क्षेत्र, जहां से मुख्यमंत्री आते हैं, वहां भी लोग सरकार से सबसे ज्यादा परेशान बताए गए।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बिना विचार और सिद्धांत का गठबंधन राज्य को भ्रष्टाचार की ओर ले जा रहा है। बालू, पत्थर, जमीन और कोयले की लूट बढ़ रही है, जबकि आम लोग महंगाई और अव्यवस्था से त्रस्त हैं। पार्टी ने कहा कि सरकार के संरक्षण में अवैध कोयला खनन बढ़ा है और बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं।
कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने कहा कि राजधानी रांची समेत कई जिलों में अपराध बढ़ गया है और आदिवासी समाज सबसे अधिक प्रताड़ित है। जल–जंगल–जमीन की सुरक्षा के नाम पर केवल लूट हुई है। भाजपा का आरोप है कि पिछले छह वर्षों में सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, दलितों और पिछड़ों सभी को निराश किया है।



