Dhanbad: धनबाद के कोयला क्षेत्र में वर्षों से चल रहे कथित अवैध कारोबार व वित्तीय अनियमितताओं की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह एक बड़ी और समन्वित कार्रवाई अंजाम दी। तड़के की गई इस छापेमारी में ईडी की टीम ने देव प्रभा कंपनी और उसके संचालक, बीसीसीएल के चर्चित ठेकेदार एल.बी. सिंह के 18 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, जिससे शहर और कोयला बेल्ट में हलचल मच गई।
ईडी की कार्रवाई का केंद्र—देव प्रभा कंपनी और एल.बी. सिंह
जांच एजेंसी ने धनबाद में एल.बी. सिंह के आवास ‘देव विला’ सहित कुल 18 परिसरों में सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई कोयले के अवैध खनन, आउटसोर्सिंग ठेकों में अनियमितता, और कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से जुड़ी जांच का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, पिछले कई महीनों से इन गतिविधियों पर ईडी की विशेष निगरानी थी।
छापेमारी के दौरान ईडी टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रेकॉर्ड जब्त किए। बताया जा रहा है कि कुछ पुराने ठेकों और विवादित सौदों की भी जांच की जा रही है, जिनमें बीसीसीएल से जुड़े कई अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ सकती है।
ईडी अधिकारियों को रोकने के लिए खोले गए पालतू कुत्ते
कार्रवाई के दौरान एक असामान्य घटना भी सामने आई। बताया गया कि ईडी अधिकारियों को घर में प्रवेश से रोकने के लिए एल.बी. सिंह ने अपने पालतू कुत्तों को खोल दिया, जिससे टीम को कुछ देर कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रित कर ली गई और तलाशी प्रक्रिया सामान्य तरीके से जारी रही।
अन्य कोयला व्यापारियों के यहां भी छापेमारी
ईडी की यह कार्रवाई केवल देव प्रभा कंपनी तक सीमित नहीं रही। कोयला व्यापारियों अनिल गोयल और संजय खेमका के ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन किया गया। ईडी ने इस जांच को सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी से प्राप्त तथ्यों के आधार पर ईसीआईआर के रूप में आगे बढ़ाया है।
बीसीसीएल के अधिकारियों पर भी बढ़ी जांच की आंच
हालांकि शुक्रवार की छापेमारी में बीसीसीएल अधिकारियों के परिसरों को शामिल नहीं किया गया, लेकिन जांच एजेंसी उनके भूमिका की पड़ताल कर रही है। कोयला मंत्रालय को पिछले सात–आठ महीनों से इस मामले में शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी थी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।
धनबाद में हुई इस व्यापक छापेमारी ने कोयला उद्योग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों और मनी फ्लो की जटिलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जांच के अगले चरण में संभावित गिरफ्तारियों और अन्य महत्वपूर्ण खुलासों के संकेत मिलने लगे हैं।



