Ranchi : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक की एक छोटी-सी X पोस्ट ने झारखंड की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने लिखा— “अब नया बम झारखंड में, हेमंत अब जीवंत होंगे”। यह वाक्य सोशल मीडिया पर कुछ ही घंटे में चर्चा का केंद्र बन गया। लोग लगातार इसके अर्थ को समझने की कोशिश करते रहे। हालांकि आलोक ने इस पोस्ट पर कोई और खुली प्रतिक्रिया नहीं दी।

अजय आलोक ने बातचीत में स्पष्ट किया कि यह संकेत कांग्रेस से क्षेत्रीय दलों की दूरी की ओर है। उनका दावा है कि बिहार चुनाव के बाद कई क्षेत्रीय पार्टियां समझ चुकी हैं कि कांग्रेस के साथ रहने से उनका वोट बैंक कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सबसे बड़ा राजनीतिक बदलाव झारखंड में देखने को मिलेगा। उनके मुताबिक झामुमो कांग्रेस से अलग होने की तरफ बढ़ सकता है। इसी संभावना ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल बढ़ा दी है।
अजय आलोक की टिप्पणी पर झामुमो ने भी तीखा पलटवार किया। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने जवाब दिया— “हेमंत जीवंत हैं, भाजपा का अंत निश्चित है”। लंबे समय से यह चर्चा है कि झामुमो महागठबंधन से अलग रास्ता तलाश रहा है। बिहार चुनाव में झामुमो को एक भी सीट नहीं मिलने के बाद नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आई थी। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस-राजद पर सवाल उठाए थे।

कांग्रेस ने इस बयानबाजी पर भाजपा को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कहा कि हेमंत सोरेन की सक्रियता से ही भाजपा बौखलाई हुई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा झारखंड में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि जनता विकास और सम्मान की राजनीति चाहती है, न कि सत्ता परिवर्तन का खेल। दुबे ने कहा कि जनता आने वाले समय में भाजपा को करारा जवाब देगी।

उधर भाजपा भी गठबंधन की अंदरूनी राजनीति पर दबाव बढ़ा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि बिहार में झामुमो की उपेक्षा साफ संकेत है कि महागठबंधन में दरारें हैं। उन्होंने कहा कि जब झारखंड में साथ मिलकर सरकार चलाई जा रही है, तो बिहार में झामुमो को दरकिनार करने का मतलब गंभीर है। भाजपा का दावा है कि गठबंधन की कटुता अब खुले रूप में सामने आएगी। राजनीति का यह घमासान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।



