Hazaribagh : हजारीबाग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से 19 एटीएम कार्ड, 11 स्मार्टफोन और 1.50 लाख रुपये नगद जब्त किए। यह कार्रवाई गुप्त सूचना पर की गई थी कि कुछ संदिग्ध लोग साइबर ठगी की योजना बना रहे हैं। मामले का खुलासा एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस वार्ता में किया।
सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सरौनी खुर्द जंगल के पास संदिग्ध अवस्था में खड़ी दो कारों को रोका। जांच के दौरान कारों से राजू वर्मा और शिवा कुमार पकड़े गए। दोनों के पास से कई बैंक दस्तावेज, 19 एटीएम कार्ड और बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को हिरासत में ले लिया।
प्राथमिक पूछताछ में राजू और शिवा ने अपने अपराध स्वीकार कर लिए। उन्होंने बताया कि वे ग्रामीणों को आसान पैसे का लालच देकर उनके एटीएम और बैंक संबंधी दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद साइबर गैंग द्वारा भेजी गई ठगी की रकम को एटीएम से निकालकर मास्टर माइंड तक पहुंचाते थे। इस काम के बदले उन्हें कमीशन मिलता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से यह काम कर रहे थे।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो और साइबर अपराधियों—मो. जाकिर अंसारी और तस्लीम अंसारी—को गिरफ्तार किया। ये दोनों पेशेवर साइबर ठग हैं और कई जिलों में सक्रिय थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक गिरिडीह, एक देवघर और दो हजारीबाग के निवासी हैं। इससे साफ होता है कि यह गिरोह अंतर-जिला नेटवर्क के साथ काम करता था। पुलिस अब इनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
एसपी अंजनी अंजन ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम है। जिले में लगातार साइबर ठगी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि साइबर अपराध में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।



