Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने राज्यभर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 2023 की वर्तमान मतदाता सूची का 2003 की मतदाता सूची से अधिकतम स्तर पर मैपिंग सुनिश्चित की जाए। सीईओ ने बताया कि जितने अधिक मतदाताओं का “पैरेंटल मैपिंग” हो जाएगा, उतना ही इन्यूमरेशन फॉर्म भरने में आसानी होगी और पुनरीक्षण प्रक्रिया तेज होगी।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
सीईओ के. रवि कुमार ने चेतावनी दी कि निर्वाचन कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई BLO (बीएलओ) जिम्मेदारी निभाने में आनाकानी करता है या देरी करता है, तो उसका रिपोर्ट तत्काल विभाग को भेजा जाए और निलंबन की कार्रवाई करते हुए नए BLO की नियुक्ति की जाए। उन्होंने साफ कहा कि निर्वाचन से जुड़े प्रत्येक पदाधिकारी को सौंपे गए कार्यों का पालन करना अनिवार्य है।
जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान और समाधान
समीक्षा बैठक में सभी जिलों की मतदाता सूची के मैपिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान फील्ड स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
सीईओ ने निर्देश दिया कि अधिकारी मैदान में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें, मैपिंग में आ रही समस्याओं को पहचानें और उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण पर भी प्रस्तुति
बैठक के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर ने मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (Rationalisation of Polling Stations) पर PPT के माध्यम से अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी।



