Ranchi : झारखंड कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि चुनाव के दौरान 50 से 55 लाख बाहरी मतदाताओं को ट्रेन से लाया गया, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 4 से 5 हजार रुपये तक खर्च किए गए। यह दावा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोढ़े ने रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान किया।
प्रवक्ता अतुल लोढ़े ने कहा कि बिहार चुनाव परिणाम और अन्य राज्यों में आए नतीजे कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को चुनिंदा इलाकों में पहुंचाया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई। लोढ़े ने यह भी कहा कि इस तरह की गतिविधियां सबकी आंखों के सामने हुईं, लेकिन कार्रवाई कहीं नहीं दिखी।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र चुनाव से पहले कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय चुनाव आयोग से मुलाकात कर डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाने की मांग की थी। लेकिन आयोग की प्रतिक्रिया बेहद नकारात्मक रही। लोढ़े के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष उनके आग्रह पर नाराज़ हो गए और बातचीत के दौरान कानून की धमकी देकर उन्हें चुप कराने की कोशिश की।
लोढ़े ने कहा कि जब उन्होंने बताया कि वे स्वयं वकील हैं, तब आयोग के अध्यक्ष और अधिक नाराज़ हो गए। यहां तक कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल जो लिखित शिकायत लेकर गया था, आयोग ने उसे छीन लिया और फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि चुनाव आयोग किस तरह काम कर रहा है और किस तरह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है।
कांग्रेस ने मांग की है कि बिहार चुनाव में मतदाताओं की आवाजाही, फंडिंग और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता और स्वतंत्रता जरूरी है।



