Ghatsila : घाटशिला विधानसभा उपचुनाव मंगलवार को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के साथ सम्पन्न हुआ। शाम 5 बजे तक कुल 74.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब लोग 14 नवंबर का इंतजार कर रहे हैं, जब सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और यह साफ हो जाएगा कि सीट किसके नाम जाएगी।
घाटशिला विधानसभा सीट जेएमएम के वरिष्ठ नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन के कारण खाली हुई थी। इसके चलते उपचुनाव की घोषणा की गई, जिसमें भाजपा और झामुमो के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। मतदान के दिन ईवीएम मशीन को त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया।
मतगणना के लिए कुल 15 टेबल बनाए गए हैं और 20 राउंड में वोटों की गिनती होगी। सर्विस वोट सुबह 8 बजे से पहले आने वाले मतों में शामिल किए जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने मतगणना स्थल पर कड़ी निगरानी रखी है ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
घाटशिला सीट पर भाजपा की ओर से पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन और झामुमो की ओर से दिवंगत विधायक रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन आमने-सामने हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन ने बाबूलाल सोरेन को हराया था, जहां उन्हें 98,356 वोट मिले थे, जबकि बाबूलाल को 75,910 मत प्राप्त हुए थे।
यह उपचुनाव केवल दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि कई दिग्गज नेताओं की राजनीतिक साख और वर्चस्व की परीक्षा भी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में प्रचार किया, वहीं बाबूलाल सोरेन के समर्थन में पांच पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के मुख्यमंत्री ने चुनावी सभाएं कीं। घाटशिला सीट पर पिछली बार भाजपा ने 2014 में जीत दर्ज की थी।



