Garhwa : गढ़वा जिले में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत ऋण लेकर किस्त जमा नहीं करने वाले लाभुकों पर अब कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कल्याण विभाग ने ऐसे 238 लाभुकों को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ऋण की किश्त नहीं चुकाई। नोटिस जारी होने के बाद विभाग और गारंटरों के बीच हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को रोजगार के उद्देश्य से ऋण दिया गया था। विभाग का कहना है कि लाभुकों को बार-बार समय से किस्त जमा करने की हिदायत दी गई, लेकिन अधिकांश ने लापरवाही बरती। अब यदि वे तय समय में किश्त नहीं चुकाते हैं, तो विभाग उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू करेगा।
कल्याण विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गारंटरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कई लाभुकों ने अपने गारंटरों की जिम्मेदारी पर ऋण लिया था, ऐसे में ऋण न लौटाने पर गारंटरों को भी कानूनी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इससे गारंटरों में भी चिंता का माहौल है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में योजना के तहत कुल 600 बेरोजगार युवाओं को ऋण दिया गया था। इनमें से 238 लाभुकों ने अब तक कोई किश्त जमा नहीं की है। इनमें 58 अनुसूचित जाति, 23 अनुसूचित जनजाति, 67 अल्पसंख्यक, और 90 ओबीसी वर्ग के लाभुक शामिल हैं। विभाग का कहना है कि ये सभी नोटिस के दायरे में हैं।
इस योजना के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चारपहिया वाहन, छोटे व्यवसाय और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के लिए ऋण दिया गया था। योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का ऋण देने का प्रावधान है। कई युवाओं ने वाहन खरीदकर रोजगार शुरू किया, लेकिन किस्त चुकाने में आनाकानी से विभाग को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
गढ़वा के प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर का द्वार है, न कि दुरुपयोग का साधन। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लाभुक योजना का दुरुपयोग करेंगे या ऋण की राशि नहीं लौटाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समय पर किश्त चुकाएं ताकि अन्य जरूरतमंद बेरोजगारों को भी योजना का लाभ मिल सके।



