Ranchi : झारखंड सरकार ने मोंथा चक्रवात से राज्यभर में हुई फसल क्षति के आकलन के लिए सभी उपायुक्तों को जमीनी सत्यापन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। सरकार चाहती है कि प्रभावित किसानों की आर्थिक स्थिति का वास्तविक आकलन किया जाए, ताकि उन्हें समुचित मुआवजा प्रदान किया जा सके।
चक्रवात के चलते राज्य के कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसको लेकर सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को एक साथ मिलकर कार्य करने का आदेश दिया है। निर्देश में कहा गया है कि हर जिले के अधिकारी किसानों की फसल क्षति का भौतिक निरीक्षण कर यथाशीघ्र रिपोर्ट सौंपें।
पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख लगातार इस मुद्दे पर सक्रिय हैं और उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

पूर्व कृषि मंत्री पत्रलेख ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री सुश्री शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीख, आपदा सचिव श्री राजेश शर्मा, और रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी श्री शशि रंजन के प्रति आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इन प्रयासों से किसानों को राहत की उम्मीद जगी है। जैसे ही फसल क्षति का आकलन पूरा होगा, प्रभावित किसानों के खाते में मुआवजे की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
झारखंड सरकार का यह कदम किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है, जिससे प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों को आर्थिक सहारा और पुनः खेती के लिए सहायता मिल सकेगी।



