Ranchi: ट्यूनिशिया में पिछले कई महीनों से फंसे झारखंड के 48 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी अब सुनिश्चित हो गई है। झारखंड सरकार के हस्तक्षेप और एल एंड टी कंपनी की पहल के बाद सभी मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया गया है और वापसी का टिकट भी जारी हो गया है। सभी मजदूर 4 नवंबर को ट्यूनिस से मुंबई रवाना होंगे और 5 नवंबर को मुंबई हवाई अड्डे पहुंचेंगे।

मामला तब प्रकाश में आया जब झारखंड के ये मजदूर दिल्ली स्थित प्रेम कंस्ट्रक्शन कंपनी, जो एल एंड टी के अधीन काम करती है, के माध्यम से ट्यूनिशिया गए थे। मजदूरों ने बताया था कि उन्हें धोखे से विदेश भेजा गया और वहां न तो अनुबंध मिला और न ही वेतन। उन्हें 12-12 घंटे बिना भोजन और भुगतान के काम कराया जा रहा था।
30 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में मजदूरों ने अपनी व्यथा बताते हुए झारखंड सरकार और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल विदेश मंत्रालय और एल एंड टी कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद मजदूरों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई।
एल एंड टी कंपनी ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अपने अधीन काम करने वाली प्रेम कंस्ट्रक्शन फर्म के मालिक को फटकार लगाई। कंपनी ने मजदूरों के सभी बकाया वेतन का निपटारा किया और उनकी यात्रा व्यवस्था कराई। एल एंड टी ने बताया कि सभी मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रतिनिधि भी मुंबई में मौजूद रहेंगे।

सरकार और कंपनी के प्रयासों से राहत महसूस करते हुए मजदूरों ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने एल एंड टी से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अज्ञानता और भ्रमवश उन्होंने पहले वीडियो में कंपनी का नाम लिया था, जबकि कंपनी का उनके वेतन विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।
अब सभी मजदूरों में घर लौटने की खुशी है। वे झारखंड सरकार और एल एंड टी कंपनी का आभार जता रहे हैं। मजदूरों ने कहा कि “कई महीनों बाद अब हमें अपने परिवार के पास लौटने का अवसर मिला है। सरकार और कंपनी की समय पर मदद ने हमारी जान बचाई।”



