Khunti: दरअसल झारखण्ड में इन दिनों आदिवासी दर्जा की मांग को लेकर कुर्मी समाज आंदोलन कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर अपनी हक और अधिकार को छिनता देख आदिवासी समाज भी उसके विरोध में आंदोलन कर रहे है। इस आंदोलन में आदिवासी समाज की बेटी युवा नेत्री निशा भगत और ज्योत्सना केरकेट्टा सहित कई अन्य नेत्री अपने हक और अधिकार को लेकर बेबाकी से अपनी बाते रख रही हैं।
वहीं आदिवासी समाज के द्वारा कुर्मियों के विरोध में आंदोलन से आहत होकर कुर्मी समाज के कुछ लोग सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। जिसमें सोशल मीडिया के यूट्यूब पर बिरसा न्यूज नामक एक यूट्यूब चैनल बनाकर यूट्यूबर अमित महतो ने आदिवासी बेटी व आदिवासी समाज की युवा नेत्री निशा भगत और ज्योत्सना केरकेट्टा को लेकर अभद्र भाषा वाला वीडियो बनाकर यूट्यूब के बिरसा न्यूज चैनल पर पोस्ट किया था जिसमें भद्दी भद्दी गालीयों का प्रयोग किया था।
इस संबंध में ज्योत्सना केरकेट्टा ने रांची के एक थाना में लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया था।
अब इस मामले में धनबाद जिले के परसबनिया गांव निवासी यूट्यूबर अमित महतो के विरुद्ध पुलिस की विशेष छापामारी दल ने कार्रवाई करते हुए आसनसोल से उसे धर दबोचा है जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ज्योत्सना केरकेट्टा ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, मैं रांची पुलिस प्रशासन और सभी मीडिया सहयोगियों की हृदय से आभारी हूँ। जिन्होंने इस कठिन समय में सच्चाई और न्याय के पक्ष में मेरा साथ दिया। यह केवल मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि हर उस झारखंडी बेटी के सम्मान की जीत है जो समाज में अपने हक़ और अस्तित्व के लिए आवाज़ उठाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि एक सोच और प्रवृत्ति के खिलाफ है। यह मेरी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी, मैं अपने समाज और सम्मान की रक्षा के लिए आवाज़ उठा रही थी। राजनीति या सामाजिक आंदोलनों में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी के व्यक्तिगत जीवन या चरित्र पर हमला करना निंदनीय है।



