Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चम्पाई सोरेन की राजनीतिक निष्ठा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि “45 साल तक गुरुजी के नाम पर राजनीति करने वाले चम्पाई सोरेन अपने राजनीतिक गुरु दिशोम गुरु शिबू सोरेन के लिए 45 मिनट भी नहीं निकाल सके।”
षाडंगी ने चम्पाई सोरेन पर भावनात्मक प्रहार करते हुए कहा कि जब शिबू सोरेन जीवन के अंतिम दिनों में बीमार थे, तब चम्पाई सोरेन ने न तो उनसे मिलने की कोशिश की, न ही उनके परिजनों से हालचाल लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि “ऐसी कौन-सी राजनीतिक मजबूरी थी कि आप 45 दिनों में 45 मिनट का समय भी नहीं निकाल सके?”
उन्होंने अपने बयान में शायराना तंज भी कसा — “तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला कैसे लुटा? मुझे रहजनों से गिला तो है, पर तेरी रहबरी का सवाल है।”
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि चम्पाई सोरेन ने सत्ता पाने के लिए गुरु-शिष्य के रिश्ते की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि “जिनके नाम और नेतृत्व में आपने दशकों तक राजनीति की, उन्हीं के प्रति आपने यह उपेक्षा दिखाई — यह जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
सिर्फ चम्पाई सोरेन ही नहीं, उनके समर्थक भी कुणाल षाडंगी के निशाने पर आए। उन्होंने कहा कि “चम्पाई के आसपास अब कुछ छुटभैया नेता और फूंके हुए कारतूस ही बचे हैं, जो अपने बूथ और पंचायत में भी पार्टी को बढ़त नहीं दिला सके।”
षाडंगी ने कहा कि भले ही चम्पाई सोरेन सार्वजनिक रूप से इस पर कुछ न कहें, लेकिन उनकी अंतरात्मा उनसे हमेशा यह सवाल पूछेगी।



