Chaibasa : चाईबासा के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मुकदमे की सुनवाई न्यायाधीश के अवकाश के कारण स्थगित कर दी गई। राहुल गांधी ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए आवेदन किया है, जिस पर अदालत 4 अक्टूबर को फैसला सुनाने वाली थी। अब अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को होगी।
यह मामला भाजपा नेता अमित शाह पर राहुल गांधी द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता प्रताप कटियार ने 28 मार्च 2018 को चाईबासा कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिसे बाद में एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में स्थानांतरित किया गया।
राहुल गांधी का आवेदन धारा 205, दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) के तहत दाखिल किया गया था। उनके अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें 22 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।
4 अक्टूबर को फैसला आने वाला था, लेकिन न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई टल गई। अब अदालत 9 अक्टूबर को राहुल गांधी के आवेदन पर अपना निर्णय सुनाएगी। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि यदि उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मिलती है तो वे संसदीय और राजनीतिक कार्यक्रमों में बाधा के बिना हिस्सा ले पाएंगे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर व्यस्त रहते हैं, इसलिए हर सुनवाई में उपस्थित होना उनके लिए संभव नहीं है। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता केशव प्रसाद महतो ने तर्क दिया कि कानून सभी के लिए समान है और राहुल गांधी को भी नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होना चाहिए।
सुनवाई की निगाहें अब 9 अक्टूबर पर टिकी हैं। इस फैसले से राहुल गांधी की आगामी अदालत गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर असर पड़ेगा। जनता और पार्टी समर्थक इस निर्णय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।



