Khunti: BSF जवान राहुल मांझी मौत मामला अब तुल पकड़ता जा रहा है, जानकारी के अनुसार बता दें कि बीते 30 सितंबर को पुलिस हिरासत में रहते हुए मुरहू थाना में राहुल मांझी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद यह मामला लगातार तुल पकड़ता दिख रहा है।

खूंटी जिले के मेराल गांव के रहने वाले राहुल मांझी के परिजनों ने बताया कि राहुल BSF के जवान थे जो किसी कारण से बीते लगभग एक वर्षों से ड्यूटी पर नहीं लौटे थे और इसी बीच वो 29 सितंबर की शाम अपने पड़ोस वाले गांव माहिल गए थे जहां से वो वापस अपना घर मेराल आ गए थे लेकिन उसके घर पहुंचने के कुछ हीं देर बाद माहिल गांव के 12 से 15 लोग उसके घर पहुंच गए और राहुल मांझी को जबरन घर से उठाकर अपने साथ ले गए।


इस बीच परिवार वालों ने राहुल को जबरन उठाकर ले जाने का विरोध किया तो उनलोगों ने राहुल के परिवजनों के साथ भी धक्का मुक्की व मारपीट किया। राहुल को लेजाकर उसके साथ मारपीट किया और फिर पुलिस को सौंप दिया। वहीं जब पुलिस राहुल को लेकर थाने गई तो उसे हाजत में बंद करके रखा गया था।

वहीं जिनलोगों ने राहुल मांझी को पुलिस के हवाले किया था उनका आरोप था कि राहुल मांझी द्वारा पास वाले गांव की एक आदिवासी युवती से जबरन रेप की कोशिश की गई थी जिससे गुस्साए लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया था लेकिन 30 सितंबर की सुवह उसके मौत की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल मांझी के परिजनों सहित अन्य लोगों को मिली।
जानकारी मिलने पर जब मृतक राहुल मांझी के परिजन थाना पहुंचे तो वहां पुलिस द्वारा बताया गया कि राहुल शौच के लिये शौचालय गया था जहां उसने बिजली की तार के सहारे फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली।

फिलहाल अब राहुल को इंसाफ दिलाने के लिए पूरे मांझी समाज आगे आए हैं। राहुल मांझी मामले में उसे हाजत में बंद किए जाने से लेकर उसके मौत तक के घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज की मांग की जा रही है।
मांझी समाज के लोगों ने आगे मांग किया है कि राहुल मांझी को जिनलोगों द्वारा घर से उठाकर ले जाया गया था और मारपीट के बाद पुलिस को सौंपा गया था उन सभी लोगों पर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करे। इस मांग को लेकर शुक्रवार को मांझी समाज के सैकड़ों लोगों ने मुरहू थाना का घेराव किया और मुरहू थाना पुलिस को आवेदन सौंप कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

मुरहू थाना को आवेदन सौंपने के बाद सभी लोग खूंटी पहुंचे जहां इस आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त खूंटी और पुलिस अधीक्षक खूंटी को भी दी गई ताकि इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके।



