Bokaro: बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर 9A, स्ट्रीट संख्या-2 स्थित आवास संख्या-377 में 23 वर्षीय नवविवाहित सुषमा कुमारी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। सुषमा की शादी इस साल 20 अप्रैल को हुई थी और विवाह के महज पांच महीने बाद यह दर्दनाक घटना सामने आई। मृतका की अचानक मौत ने पूरे इलाके में चिंता और हलचल पैदा कर दी।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही सुषमा पर दहेज की मांग को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। खासकर चारपहिया वाहन और नगद रुपए लाने के लिए उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि यही प्रताड़ना उसके लिए असहनीय बन गई और अंततः उसकी मौत का कारण बनी।
मृतका की बड़ी बहन स्वीटी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे सुषमा के पति ऋतिक ने फोन कर मौत की सूचना दी। परिजन पेटरवार से बोकारो पहुंचे और देखा कि सुषमा बेड पर अचेत अवस्था में पड़ी थी। आनन-फानन में उसे बोकारो जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने और अस्पताल ले जाने में जानबूझकर देरी की गई।
घटना की सूचना हरला थाना पुलिस को शाम 7:30 बजे दी गई, लेकिन परिजनों के अनुसार एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई। रात 11:30 बजे के बाद ही थाने ने मामला स्वीकार किया। पुलिस ने मृतका के पति ऋतिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हरला थाना प्रभारी अनिल कश्यप ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या है या हत्या।
मृतका के माता-पिता और बहन ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज हत्या है। उन्होंने बताया कि सुषमा को शादी के बाद से ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और मौत से पहले भी उस पर रुपए और गाड़ी लाने का दबाव डाला गया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस ने कहा कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



