Koderma News: कोडरमा में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय स्टीयरिंग और मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, बच्चों को दी जा रही सुविधाओं और शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्देश दिया और कहा कि उपस्थिति दर्ज न कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्सकों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सभी विद्यालयों को अपने पोषक क्षेत्र में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों का सर्वे कार्य 30 सितंबर तक पूरा करने के लिए कहा गया। निर्धारित तिथि तक कार्य पूर्ण न करने वाले विद्यालयों पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए। सभी आवासीय विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा प्रणाली एवं विद्युत ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बच्चों से संबंधित आधार कार्ड कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने और बेहतर प्रदर्शन न करने वाले विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही जनचेतना केंद्र से जुड़े किसी भी लंबित मामले को भी समाप्त करने के लिए सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया।
डीसी ने मंडल कारा कोडरमा में साक्षरता केंद्र की स्थापना हेतु दिशा-निर्देश दिए ताकि जेल में निरक्षर बंदियों को लाभ मिल सके। इसके अलावा शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु आकलन करने और कार्ययोजना बनाने, सिलेबस समयबद्ध पूरा करने और लेशन प्लान के अनुरूप अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्मार्ट क्लास और आईसीटी संचालन के लिए जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का भी निर्देश हुआ।
बैठक में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ 10 दिनों के भीतर बच्चों तक पहुँचाने और सभी विद्यालयों में “स्वच्छता पखवाड़ा” के अंतर्गत गतिविधियों को समयबद्ध ढंग से संचालित करने के लिए जोर दिया गया। बीआरपी और सीआरपी को विद्यालयों का भ्रमण कर निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सभी पहलुओं पर व्यापक निगरानी सुनिश्चित की जा सके।



