Khunti: झारखंड की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए खूंटी, चांडिल (सरायकेला) और चाईबासा में बार भवनों के निर्माण का शिलान्यास किया गया। खूंटी के कचहरी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। 
खूंटी में 3 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बार भवन का शिलान्यास मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश ने किया। इसके साथ ही चांडिल और चाईबासा के बार भवनों का भी ऑनलाइन शिलान्यास किया गया। समारोह में अतिथियों को संविधान की पुस्तक और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। 
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि बार भवनों के निर्माण से आम नागरिकों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के साथ-साथ व्यवस्थापिका की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और बार भवन इसका प्रमाण है। 
उन्होंने बताया कि भविष्य में बार भवनों में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट और शौचालय जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने झारखंड सरकार को न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे इस प्रयास के लिए धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जोहार के साथ आमजन और अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह छोटा सा कार्यक्रम दिखने में जरूर है, लेकिन इसके मायने बहुत बड़े हैं। राज्य के सभी नागरिकों को न्यायिक प्रणाली के माध्यम से न्याय दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का निर्णय है कि न्यायालय परिसरों या उसके आसपास न्यायिक प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत संरचनाएं प्रदान की जाएंगी। यह देश का पहला राज्य है जहां अधिवक्ताओं को पेंशन देने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और पिछड़ा राज्य होने के बावजूद झारखंड ने कई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए हैं। आने वाले समय में भी राज्य सरकार स्वतंत्र और प्रभावी न्यायिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाती रहेगी।
बार एसोसिएशन ने जताया आभार
खूंटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल रूपेंद्रनाथ सहदेव ने शिलान्यास समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आमजन को धन्यवाद दिया और कहा कि यह भवन अधिवक्ताओं को काम करने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा। 
महत्व
बार भवनों का निर्माण राज्य में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अधिवक्ताओं को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और आम नागरिकों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा होगी।



