जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड पर 4 सितंबर को हुई 30 लाख रुपए की लूट और फायरिंग मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 10 लाख 69 हजार 700 रुपए नगद, एक इनोवा कार, एक देशी पिस्टल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, तीन आरोपी अब भी फरार हैं।
30 सेकेंड में अंजाम दी थी वारदात
पीड़ित कारोबारी साकेत अगीवाल हिंदुस्तान लीवर के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। घटना के दिन वे अपनी स्कूटी पर 30 लाख रुपए से भरा बैग लेकर एचडीएफसी बैंक जा रहे थे। उनके पीछे कर्मचारी पंकज राव भी स्कूटी से चल रहे थे। इसी दौरान गुरुद्वारा के सामने बदमाशों ने मिर्च पाउडर डालकर बैग लूट लिया और पीछा करने पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। लुटेरे बिना नंबर की सफेद इनोवा से आए थे। वारदात से करीब एक घंटा पहले उन्होंने गुरुद्वारा के पास एसएनटीआई की पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर रेकी की थी। पूरी घटना महज 30 सेकेंड में हुई।

स्पेशल टीम ने किया खुलासा
घटना के बाद सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम बनाई गई। टीम ने 50 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और अमृतसर सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।
इस तरह चढ़े पुलिस के हत्थे
एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले राकेश कुमार मंडल उर्फ पकौड़ी को अमृतसर से दबोचा। उसकी निशानदेही पर लूट में इस्तेमाल पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद कमलेश नारायण दुबे उर्फ शंकर, सुधीर नारायण बेहरा और गणेश कुम्भकार उर्फ फुचा को भी गिरफ्तार किया गया।

मास्टरमाइंड निकला कमलेश दुबे
जांच में खुलासा हुआ कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कमलेश दुबे था। राकेश, सुधीर और गणेश उसके साथी थे। राकेश का पहले से आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस अब फरार तीन आरोपियों की तलाश और बाकी रकम की बरामदगी में जुटी है।



