Jharia: झरिया के लोदना आठ नंबर में बुधवार देर शाम तेज बारिश के बीच बीसीसीएल की खाली जर्जर आवास अचानक गिर गई। हादसे में नौ लोग मलबे में दब गए। आसपास के लोगों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।
तीन की मौत, चार गंभीर रूप से घायल
मलबे से निकाले गए लोगों में से तीन की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें झरिया के नर्सिंग होम और फिर धनबाद एसएनएमएमसीएच रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान इस प्रकार है: गोपाल मिस्त्री (30), लोदना चार निवासी, सुषमा कुमारी (12), गोपाल की भांजी, चिराग कुमार (12), बीसीसीएल कर्मी करमु पासवान का पुत्र घायल लोगों में शंभू पासी, आर्यन कुमार, आकिब अंसारी, सचिन यादव, अभी कुमार और बंटी कुमार शामिल हैं। इनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की वजह और बीसीसीएल की लापरवाही
लोदना आठ नंबर के कई आवास बीसीसीएल प्रबंधन और सुशी परियोजना के विस्तार के लिए खाली कराए गए थे। हालांकि, खाली आवासों को ध्वस्त नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग ट्रैक्टर से बंद आवासों से ईंट निकाल रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल पर आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही और नियमों की अवहेलना के कारण तीन मासूमों की मौत हुई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बीसीसीएल दलालों के जरिए ईंट और मलबा बेचता है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के लगभग दो घंटे बाद सिंदरी डीएसपी आशुतोष कुमार और झरिया सीओ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी ली और वार्ता के लिए कुछ लोगों को लोदना ओपी बुलाया। डीएसपी ने मौके पर ट्रैक्टर और साइकिल जब्त किए। उन्होंने कहा कि स्वजन की लिखित शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
स्थानीय चिंता और गुस्सा
घटना से गांव में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग बीसीसीएल की लापरवाही और खाली आवासों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।



