Khunti: (कर्रा प्रखंड): ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से द हंस फाउंडेशन ने कर्रा प्रखंड के विभिन्न गांवों में समियालता पौधों का वितरण किया। टिमड़ा, सांगोर, पहाड़टोली, तुनेल, कांटी और जबड़ा गांव के कुल 25 किसानों को प्रत्येक के लिए 500–500 पौधे उपलब्ध कराए गए।
कार्यक्रम के तहत न केवल पौधों का वितरण किया गया बल्कि किसानों के खेतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन पौधों के चारों ओर बाड़ लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी। समियालता एक ऐसा मेजबान वृक्ष है जिस पर लाह की खेती अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। 
किसानों को दी गई तकनीकी जानकारी
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने मौके पर उपस्थित किसानों को लाह की वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की तकनीक, पौधारोपण की विधि और इसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि समियालता पौधा तेजी से विकसित होता है और लाह पालन के लिए सर्वोत्तम आधार प्रदान करता है। इससे किसान कम समय में बेहतर उत्पादन कर सकते हैं।
किसानों की खुशी और उम्मीदें
पौधे मिलने पर किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए अतिरिक्त आय का एक नया स्रोत बनेगी। उनका मानना है कि समियालता पर लाह उत्पादन से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि पूरे क्षेत्र में लाह की खेती को नया आयाम मिलेगा।
फाउंडेशन का उद्देश्य
‘द हंस फाउंडेशन’ का उद्देश्य है कि पारंपरिक खेती को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जाए। संस्था का मानना है कि लाह की उन्नत खेती किसानों को स्थायी और लाभकारी रोजगार का अवसर प्रदान कर सकती है।
कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में फाउंडेशन के प्रबंधक राजेश कुमार, ब्लॉक समन्वयक स्टीफन पूर्ति, क्षेत्र समन्वयक रानी हिस्सा, अमित साही और अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।



